दीदी और मैं बहुत खुश थे शाम को मार्किट से आ कर दीदी बहुत दिन बाद इतनी खुश दिखी थी मुझे मार्किट से घर पहुचने के बाद दीदी मुझसे बोली तो फिर अब आज का खाना तो आप ही बनाओगी आखिर दीदी बनी हो तो मैंने कहा हाँ बील्कुल बनाउंगी फिर दीदी बोली चलो ठीक है अच्छा ही है मैं भी आराम से टीवी देखु जाकर जब खाना बन जाये तो बुला लेना और हाँ तब तक जरा एक कॉफी बना देना प्लीज मैं तो बहुत थक गयी हूँ मुझे चिढ़ाते हुए बोली और मैंने कहा ठीक है अनु बनाती हूँ और दीदी सच मेरे कमरे में गयी और टीवी देखने लगी मैंने तब तक कॉफी बनने रख दी थोड़ी देर बाद दीदी फिर आ गयी तो मैंने कहा क्या हुआ अनु टीवी पर कुछ मिला नहीं देखने लायक तो दीदी बोली यार इस टाइम पर खाली बैठने की आदत नहीं है तो सॉरी मैं नहीं बैठ सकती हूँ तू एक काम कर चाय पि और मैं कॉफी पिती हूँ फ़ीर तू जाकर टीवी देख मैं खाना बनाती हूँ मैंने कहा देख लो अनु फिर मत कहना में मैने रेस्ट नहीं दिया था तो दीदी ने रिप्लाई किया ठीक है मेरी माँ नहीं कहूँगी कुछ भी बस मैंने कहा ओके नो प्रॉब्लम। बस मैंने चाय पि और टीवी देखने लगी जाकर और दीदी आदत से मजबूर काम में लग गयी ।
Disclaimer
यह ब्लॉग पूरी तरह काल्पनिक है। किसी से समानता संयोग होगी। बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयाँ ((जैसे स्तन वर्धक या हार्मोन परिवर्तन)न लें - यह जानलेवा हो सकता है।— अनीता (ब्लॉग एडमिन)
Anita ki Punishment 39 (After shopping dinner time)
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