Disclaimer

यह ब्लॉग पूरी तरह काल्पनिक है। किसी से समानता संयोग होगी। बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयाँ ((जैसे स्तन वर्धक या हार्मोन परिवर्तन)न लें - यह जानलेवा हो सकता है।— अनीता (ब्लॉग एडमिन)

Bhabhi ki Saja devar ka maja Crossdressing story

📝 Story Preview:

जब मैं पाँचवीं कक्षा में था, तब मुझे क्रॉसड्रेसिंग के बारे में न कोई जानकारी थी, न ही कोई रुचि। लेकिन एक दिन, यूँ ही मन में ख्याल आया — "लड़कियों की ज़िंदगी कितनी आसान होती होगी। रोज़ नए-नए कपड़े, सजना-संवरना… और हमें लड़कों को वही पुराने कपड़ों में रहना पड़ता है।"  बस वहीं से यह सोच मेरे मन में घर कर गई।

मेरा नाम साजनिक है। मैं पश्चिम बंगाल का रहने वाला हूँ। मेरी माँ का निधन तब हो गया था जब मैं बहुत छोटा था — एल.के.जी. में पढ़ता था। उसके बाद मैं अपने पापा, चाचा, चाची, बड़े भैया और भाभी के साथ रहने लगा। घर के मर्द अक्सर काम के सिलसिले में शहर से बाहर रहते थे, और चाची भी कभी-कभार मायके चली जाती थीं। ऐसे में घर पर सिर्फ मैं और मेरी भाभी ही रहते थे।

भाभी से मुझे बहुत लगाव था। वो मेरी पढ़ाई में मदद करती थीं और मुझे अपने बेटे जैसा प्यार देती थीं — शायद इसलिए क्योंकि उनका कोई बच्चा नहीं था।

एक दिन भाभी किसी दोस्त की पार्टी में गई थीं। लौटकर रात 9 बजे उन्होंने खाना गरम करके मुझे परोसा और फिर सोने चली गईं।

अगले दिन, ट्यूशन से लौटते वक़्त मुझे याद आया कि कल रात मैं क्रॉसड्रेसिंग की योजना तो बना चुका था, पर एक चीज़ की कमी रह गई थी — एक लंबी बालों वाली विग की। उस रात मैं मम्मी की पुरानी अलमारी से साड़ी, ब्लाउज़, ब्रा-पैंटी, पेटीकोट और मेकअप का सामान तो निकाल चुका था, लेकिन बिना विग के मज़ा अधूरा था। इसलिए मैंने बाज़ार से एक लंबी बालों की विग खरीदी और घर लौटा।

भाभी ने पूछा, "इतनी देर कहाँ लगा दी?"
मैंने बहाना बना दिया — "दोस्तों से बातें कर रहा था।"

मैंने विग को अलमारी में छुपा दिया और फिर कपड़े बदलकर खाना खाने भाभी के पास गया। खाना खाते हुए मैंने पूछा, "भाभी, कल की पार्टी में क्या हुआ?"

भाभी ने मुस्कुराकर कहा, "क्यों? तुझे लड़कियों के बारे में जानने का बहुत शौक है क्या? चुपचाप खाना खा, बहुत रात हो गई है।"

मैंने खाना खत्म किया और भाभी से कहा, "आज मैं बर्तन धो दूँ क्या?"
भाभी बोलीं, "ठीक है, पर जब तक तू धोएगा, मैं यहीं बैठूँगी।"

बर्तन धोने के बाद हम दोनों अपने-अपने कमरे में सोने चले गए। पर मैं सोने के मूड में कहाँ था! मैंने वो साड़ी, ब्लाउज़, ब्रा, पैंटी, पेटीकोट, विग, गहने और मेकअप का बॉक्स निकाला। पहले ब्रा में मोज़े भरकर पहन लिया, ताकि कुछ ‘लुक’ बने। फिर एक-एक करके पूरा लुक तैयार किया।

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